GRIHASTH TANTRA
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श्री दुर्गा प्रणव महासिद्ध शुद्ध रजत माला

55,501.00

भगवती महादुर्गा के 32 नामावली के 32 हजार जप व श्री दुर्गा एकाक्षरी के 4 लाख जप से सिद्ध किये गये भगवती के दुर्गा प्रणव युक्त दिव्य माला को प्रत्येक भगवती भक्त धारण कर सकता है। विशेष कर जो साधना मार्ग पर हैं वो तो अवश्य ही।
दसों महाविद्या भगवती के स्वरुप में विद्यमान हैं।
इस अंबुबाची महापर्व पर कामाख्या जी के दिव्य क्षेत्र में इन मालाओं को अत्यंत सीमित मात्रा में अभिमंत्रित किया जायेगा। क्योंकि मात्र चार दिन में ही समस्त जप पूर्ण करना है।
इस काल में किया गया यह जप से अभिषिक्त माला के दिव्यता का अंत नहीं। इसे नित्य श्रद्धा से धारण करें। तथा भगवती के 32 नामावली का जप 32 आवृत्ति अवश्य करें साथ ही श्री दुर्गा प्रणव का 27 माला जप करते रहें तो भगवती अवश्य कृपा करेंगी। शुद्ध रजत के 32 मनके जिनपर दुं बीजाक्षर अंकित है,यह माला अपने आप में अत्यंत विशेष है। कामाख्या जी के क्षेत्र से अभिमंत्रित इस माला को देवी भक्त धारण कर दिव्य लाभ लें।

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भगवती महादुर्गा के 32 नामावली के 32 हजार जप व श्री दुर्गा एकाक्षरी के 4 लाख जप से सिद्ध किये गये भगवती के दुर्गा प्रणव युक्त दिव्य माला को प्रत्येक भगवती भक्त धारण कर सकता है। विशेष कर जो साधना मार्ग पर हैं वो तो अवश्य ही।
दसों महाविद्या भगवती के स्वरुप में विद्यमान हैं।
इस अंबुबाची महापर्व पर कामाख्या जी के दिव्य क्षेत्र में इन मालाओं को अत्यंत सीमित मात्रा में अभिमंत्रित किया जायेगा। क्योंकि मात्र चार दिन में ही समस्त जप पूर्ण करना है।
इस काल में किया गया यह जप से अभिषिक्त माला के दिव्यता का अंत नहीं। इसे नित्य श्रद्धा से धारण करें। तथा भगवती के 32 नामावली का जप 32 आवृत्ति अवश्य करें साथ ही श्री दुर्गा प्रणव का 27 माला जप करते रहें तो भगवती अवश्य कृपा करेंगी। शुद्ध रजत के 32 मनके जिनपर दुं बीजाक्षर अंकित है,यह माला अपने आप में अत्यंत विशेष है। कामाख्या जी के क्षेत्र से अभिमंत्रित इस माला को देवी भक्त धारण कर दिव्य लाभ लें।

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