श्री विंध्यवासिनी षष्ठी – अरण्य षष्ठी 20 जून 2026 को है।
ज्येष्ठ शुक्ल षष्ठी को भगवती विंध्यवासिनी षष्ठी/अरण्य षष्ठी के रूप में मनाया जाता है। सभी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु इस दिव्य पर्व पर यथासंभव राजराजेश्वरी महात्रिपुर सुंदरी भगवती विंध्यवासिनी वनदुर्गा महादुर्गा की सेवा साधना पुजा अनुष्ठान करने का प्रयत्न करना चाहिए। गृहस्थ तंत्र परिवार के द्वारा इस दिन भगवती विंध्यवासिनी के 1000 वें अंश से प्रकट मां नंदजा/ब्रह्माणी/महासरस्वती के दिव्य धाम में , मां विंध्यवासिनी तांत्रिक पूजन, नवचंडी संपुट पाठ संग दस महाविद्या तंत्रोक्त पाठ, सभी महाविद्याओं के भैरव संग, हवन व अन्य तंत्रोक्त अनुष्ठान आदि का आयोजन किया जा रहा है। आप सपरिवार इस दिव्य आयोजन में सम्मिलित होयें तथा इस महा तांत्रिक पर्व का लाभ उठायें।
श्री विंध्यवासिनी संपुट नवचंडी
श्री दुर्गा सप्तशती के एकादश अध्याय के अंतर्गत श्री विंध्यवासिनी मंत्र से संपुट नवचंडिका पाठ , श्री विंध्यवासिनी मां श्रृंगार, श्री विंध्यवासिनी महायंत्र मंडल पूजन, हवन आदि पुर्ण होगा।
श्री योगमाया तंत्र अनुसार अष्ट भैरव संग पद्मिनी पूजन शाक्त साधकों द्वारा महानिशा काल में तंत्र पीठ पर संपन्न होगा।
अनुष्ठान उपरांत प्रसाद आपको 30 जून अंबुबाची महापर्व पश्चात अगले 15 दिनों में भेजा जायेगा।
श्री विंध्यवासिनी सदा सहाय 🙏


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